एक समय की बात है, प्राचीन ग्रीस में एंड्रोक्लेस नाम का एक दयालु दास रहता था। उसका मालिक उसके साथ बुरा बर्ताव करता था, लेकिन एंड्रोक्लेस हमेशा अच्छे काम करने की कोशिश करता था। एक दिन काम करते समय उसके हाथ में चोट लग गई।
कुछ दिनों बाद, एंड्रोक्लेस ने घर से भागने का फैसला किया। वह रेगिस्तान से होते हुए एक खूबसूरत जंगल में पहुँचा। एक पेड़ के नीचे आराम करते समय, उसने एक ज़ोरदार दहाड़ सुनी।
एंड्रोक्लेस ने चारों ओर देखा और एक शेर को गड्ढे में फंसा हुआ पाया। बेचारे जानवर का पैर फंसा हुआ था। एंड्रोक्लेस जानता था कि उसे उसकी मदद करनी होगी। उसने अपने मजबूत हाथों से शेर को सावधानी से आज़ाद किया।
कृतज्ञ शेर ने एंड्रोक्लेस का चेहरा चाटा और उसका दोस्त बन गया। वे साथ-साथ तब तक यात्रा करते रहे जब तक वे एक नदी पर नहीं पहुँच गए। लेकिन अब, शेर का मालिक उसे ढूंढता हुआ आ गया।
एंड्रोक्लेस ने मौका देखा और शेर को पीछे छोड़कर भाग गया। हालांकि, शेर ने जल्द ही उसे ढूंढ लिया और बार-बार उसका धन्यवाद किया। आस-पास रहने वाले लोग उनके आपसी दयालुतापूर्ण व्यवहार को देखकर आश्चर्यचकित रह गए।
अंततः, एंड्रोक्लेस को सैनिकों के एक समूह ने पकड़ लिया और देवताओं को बलि के रूप में शेरों की गुफा में फेंकने की सजा सुनाई। लेकिन जब उन्होंने पिंजरा खोला, तो उसमें से खूंखार जानवर नहीं, बल्कि वही शेर निकला जिसे उसने मुक्त किया था।
शेर ने एंड्रोक्लेस को पहचान लिया और सीधे उसके पास चला गया। लोग आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने तुरंत एंड्रोक्लेस को रिहा कर दिया।
और इस प्रकार, दयालुता बड़े से बड़े खतरे को भी जीत सकती है और हमें मुसीबतों से बचा सकती है। इसीलिए हमें सभी जीवित प्राणियों के प्रति दयालु होना चाहिए, चाहे वे कितने भी बड़े या छोटे क्यों न हों।
💡 Life's Lesson from this story
दयालुता आपको उस समय मदद दिला सकती है जब आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो।
🗺️ Cultural Context
📚 Word of the Story
- Trapped — caught in a difficult situation
- Gratitude — feeling thankful
- Compassion — showing kindness to those who need it
💬 Let's Talk About It
What did Androcles do to help the lion?, How did the lion thank Androcles for his kindness?, Why was Androcles released by the people?