यह कहानी एक पारंपरिक भारतीय कथा "एक लाख रुपये के मास्टर-शाहीद" पर आधारित है।
एक छोटा लड़का अपने गरीब जीवन से ऊब गया। उसके माता-पिता दोनों आंखें वाले थे और उनके पास कुछ भी नहीं था, इसलिए वह घर से निकलकर एक अन्य राज्य में नौकरी ढूंढने चला गया। बहुत यात्रा करने के बाद, उसने एक अच्छे व्यापारी को मिला, जिसने उसे एक राजा के साथ काम करने का मौका दिया, जिसमें एक सुनहरे मंदिर की देखभाल करना था।
वहाँ कई वर्षों बाद उसकी पत्नी उसे ढूंढने आयी। जब वे दोनों मिले, तो लड़का ने तीन टुकड़ों पर अपनी सलाह लिखकर कहा, "इन शब्दों के साथ राजा के पास जाओ और उनसे ये बात कहो, 'मुझे एक लाख रुपये देंगे जो आपके इन शब्दों में हैं'।"
यह तीन टुकड़ों पर सलाह थी:
१. यदि आप एक अज्ञात स्थान पर शाम को जाते हैं, तो कभी भी अपने आंखें बंद नहीं करें, बल्कि हमेशा सचेत रहें।
२. जब आप एक अमीर बहन के घर जाते हैं, तो वह आपका स्वागत करती है और खुश रहती है।
लेकिन अगर तुम उसे गरीब होने पर देखोगे, तो वह तुम्हें वापस भेज सकती है।
हर समय अपना काम बहादुरी और डर के बिना करो।
राजकुमार ने पिता को एक लाख रुपयों में कागज़ खरीदा। जब उन्होंने यह शब्द सुने, तो वह इतना गुस्से में आ गया कि उसने अपने बेटे को राज्य से निकाल दिया।
राजकुमार ने अकेले ही यात्रा की। उसकी यात्रा पर एक अनजान आदमी ने उसे ठहरने का आमंत्रण दिया, लेकिन राजकुमार पहली सलाह को याद रखा। वह जाग रहा था। जब अनजान आदमी रात में उसे मारने आया, तो राजकुमार ने अपनी आँख खोली और उसे रोक दिया। अनजान आदमी शर्मिंदा हुआ और राजकुमार को एक दुखद कहानी सुनाई, जिसमें एक आदमी ने अपना कुत्ता गलती से मार दिया, जिससे वह सब कुछ खो गया।
अगले दिन, राजकुमार ने दूसरी सलाह को याद किया। उसे अपनी विवाहित बहन को गरीब होने पर नहीं देखना था, इसलिए उसने एक भिक्षु बनकर कपड़े पहने। वहाँ के राजा इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने "भिक्षु" से अपनी बीमार पत्नी को ठीक करने का अनुरोध किया। राजकुमार ने उसका इलाज किया, और आभारी राजा ने उसे अपना दामाद बनाने का प्रस्ताव दिया।
इसके बाद ही, राजकुमार को एक रानी का पता चला, जिसके पति हर बार पहली रात में मर जाते।
एक पुराने राजा की बेटी थी, जिसकी शादी एक मिट्टीकार के बेटे से होने वाली थी। लेकिन लड़के ने कहा, "मैं इसके बजाय तुम्हारे साथ शादी करने को तैयार हूँ।" राजकुमारी का चेहरा खिल गया।
शादी की रात को, दो जादुई भूतों ने राजकुमारी के नाक से बाहर आकर उन्हें मारने का प्रयास किया। लेकिन राजकुमार अपने तलवार से तैयार थे और बहुत हिम्मत के साथ लड़े, और दोनों को हराया।
इस निर्णय की बात करते हुए, राजकुमार ने कहा, "अपना काम करने में साहस रखने से जीवन बचाया जा सकता है।"
आगे चलकर, राजकुमार अपनी रानी और बच्चों को लेकर घर आया। वे तीन दिशाओं में घूमते हुए, आकाश से नीचे, एक बड़े बंदर के पास पहुँचे। वह बंदर उन्हें उनका आशीर्वाद देने लगा।
पुराने राजा ने अपने बेटे की कहानी सुनी, और उसके जीवन पर कई चमत्कारों को देखा।
💡 Life's Lesson from this story
दुर्भाग्य और निराचार पूरे जीवन में हानि का कारण बन सकते हैं।
बंदरों को भी यही सिखाया जाता है। आकाश में उड़ने वाले पक्षियों और जमीन पर दौड़ने वाले बंदरों को भी यही सीख मिलती है - सजगता और बहादुरी। हमारे घर के पास जंगल या गाँव में रहने वाले लोग भी अपने बच्चों को यही सिखाते हैं।
आज तुम्हें एक कहानी सुनाओंगे। उरशिमा-तारो नाम का बंदर था। वह बहुत चतुर और शेर के जैसा चालाक था। वह अपने गाँव में रहता था, जहां अनानसी फलों के विशाल बाग हैं।
एक दिन, उरशिमा-तारो ने एक खतरनाक मगरमच्छ को देखा। वह बहुत तेज़ था, लेकिन थॉर नाम का शेर भी उसे पकड़ने की कोशिश कर रहा था। उरशिमा-तारो ने सोचा कि अगर वह एक मोमोतारो की तरह होशियार हो जाए, तो वह दोनों की लड़ाई देख सकता है।
🗺️ Cultural Context
यह वाक्य माना जाता है कि भारत में इसकी उत्पत्ति हुई है। यह वाक्य भारतीय संस्कृति में, जहां बूढ़े लोगों या सज्जनों से सलाह लेना व्यक्तिगत विकास और विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता रहा है, पर ज्ञान और सलाह की कीमत दिखाता है।
📚 Word of the Story
- Sagacity — the quality of being wise and having good judgment
- Fastidious — very particular about small details, often to the point of being fussy
- Enigmatic — mysterious or hard to understand
- Perspicacious — having a keen understanding and insight
💬 Let's Talk About It
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Can you think of a time when someone gave you good advice, and what was it about?